जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोश फोरम, देहरादून बैटरी की कीमत का भुगतान आदेष

Times India Today | : Feb 26,2020 04:50 PM IST

परिवादी ने विपक्षी के विरूद्ध यह परिवाद उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा-12 के अन्तर्गत इस अनुतोष के लिए योजित किया है कि परिवादी को विपक्षी से बैटरी की कीमत अंकन 950/-रू0 मय ब्याज दिलायी जाए साथ ही मानसिक व आर्थिक क्षतिपूर्ति अंकन 25,000/-रू0 व वाद व्यय अंकन 15,000/-रू0 भी दिलाया जाए।



2.            संक्षेप में    परिवादी का    कथन है कि परिवादी ने एम0आई0 मोबाइल    फोन की    बैटरी

विपक्षी        की    दुकान    से    दिनांक    03.11.2018 को अंकन    950/-रू0 में क्रय की जिसमें

विपक्षी        द्वारा 6 माह की गारंटी दी गयी थी। दो माह तक    उक्त बैटरी ने ठीक कार्य किया

उसके    पश्चात    बैटरी    चार्ज करने    के कुछ समय बाद तुरन्त    डिस्चार्ज होने लगी और परिवादी

को उक्त फोन बार-बार चार्ज करना पड़ता है। जब प्रष्नगत    बैटरी को विपक्षी के प्रतिष्ठान में

आकर    बताया    गया    तो    विपक्षी    ने कहा कि यह बैटरी वापस नहीं    होगी और न ही इसका

मूल्य    वापस    होगा    क्योंकि    इस    बैटरी को इस दुकान से    जिस    कर्मचारी    ने    बेचा    है    वह

कर्मचारी    अब    विपक्षी के यहां कार्य नहीं    करता    है ,    उसने    अब अन्य जगह    दुकान    खोल दी

है    उसी    से    बैटरी    बदलवाओ।    परिवादी ने    उक्त    बैटरी    विपक्षी    के प्रतिष्ठान से क्रय की है न

कि    दुकान    में    कार्यरत कर्मचारी से। विपक्षी के    उक्त कृत्य से    परिवादी को अपने मोबाइल हेतु

अन्य    दुकान    से    बैटरी    खरीदनी    पड़ी। विपक्षी को नोटिस भिजवाया    गया    लेकिन    उसने    कोई

उत्तर    नहीं    दिया।    इस    प्रकार    विपक्षी ने घोर लापरवाही    की है और    प्रार्थना    की    है    कि    परिवादी

 

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को विपक्षी से बैटरी की कीमत अंकन 950/-रू0 मय ब्याज दिलायी जाए साथ ही मानसिक व आर्थिक क्षतिपूर्ति अंकन 25,000/-रू0 व वाद व्यय अंकन 15,000/-रू0 भी दिलाया जाए।



3.        विपक्षी को नोटिस भेजा गया    जो उस पर तामील हुआ लेकिन    तामील    के    बावजूद

भी    वह    इस फोरम में उपस्थित नहीं    आया और न ही कोई प्रतिवाद    पत्र प्रस्तुत    किया

इसलिए    दिनांक 30.08.2019 को उसके विरूद्ध एक पक्षीय कार्यवाही के    आदेष    पारित कर

दिये    गये।                



4. परिवादी ने अपनी शपथपत्रीय साक्ष्य कागज सं0 8क प्रस्तुत की है तथा सूची कागज सं0 5ख से 4 प्रपत्र भी दाखिल किये हैं। विपक्षी की ओर से कोई साक्ष्य नहीं दिया गया।



5.    पत्रावली का विधिवत अध्ययन किया गया। परिवादी की बहस सुनी।



6.    परिवादी ने    अपने कथन को दस्तावेजी साक्ष्य के अलावा मौखिक    साक्ष्य    शपथपत्र

8क से पुष्ट किया है।                                                

7.    चूंकि विपक्षी की ओर से परिवादी द्वारा    प्रस्तुत किये गये साक्ष्य के विरूद्ध खण्डन

में कोई    साक्ष्य नहीं है इसलिए परिवादी द्वारा प्रस्तुत किया    गया साक्ष्य अखण्डित    हो    जाता    है

और इस अखण्डित साक्ष्य    के क्रम में    परिवादी का    कथन पूर्ण रूप से पुष्ट हो जाता    है। वैसे

भी परिवादी द्वारा प्रस्तुत किये गये 5ख/1 जिसे    विपक्षी    के    प्रतिष्ठान    द्वारा    दिनांक    03.11.

2018    को जारी किया गया है, का अवलोकन करने से    यह    स्पष्ट हो रहा    है    कि    प्रष्नगत

उत्पाद में 6 माह की गारंटी उसके मृत प्राय होने    पर दी गयी है। चूंकि विपक्षी    प्रतिष्ठान    ने

प्रष्नगत    उत्पाद में 6 माह की गारंटी    दी है और    परिवादी द्वारा क्रय किये गये    मोबाइल    की

बैटरी दो माह के अन्दर ही खराब हो गयी जिससे कागज सं0 5ख/1 में    दी    गयी    शर्त    के

अनुसार    परिवादी प्रष्नगत    उत्पाद    की    कीमत अंकन    950/-रू0 विपक्षी    से पाने    का    अधिकारी

है।                                                        

8.    जिस प्रकार    से    विपक्षी    द्वारा    प्रष्नगत उत्पाद    के    सम्बन्ध में    परिवादी    को    बैटरी    न

बदलने    के सम्बन्ध में    उत्तर दिया    गया और उसी    के    कारण परिवादी    को अपने    मोबाइल    हेतु



नयी बैटरी अन्य दुकान से क्रय करनी पड़ी उसे मानसिक पीड़ा से गुजरना कतई लाजमी था इसलिए अंकन एक हजार रूपये मानसिक क्षति परिवादी को दिलाया जाना सुसंगत होगा और विपक्षी के कृत्य के कारण ही परिवादी को यह परिवाद योजित करना पड़ा है इसलिए अंकन एक हजार रूपये वाद व्यय भी परिवादी को दिलाया जाना न्यायोचित होगा।



9. उपरोक्त समस्त परिचर्चा के आलोक में यह मंच निष्चित रूप से इस निष्कर्ष पर पहॅुंचा है कि परिवादी, विपक्षी से बैटरी की कीमत अंकन 950/-रू0 पाने का अधिकारी होगा। इसके अतिरिक्त परिवादी, विपक्षी से मानसिक क्षतिपूर्ति अंकन एक हजार रूपये व वाद व्यय अंकन एक हजार रूपये भी पाने का अधिकारी है। परिवाद तद्नुसार निस्तारित।

 

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आदेष



उपरोक्तानुसार, परिवादी द्वारा योजित यह परिवाद उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा-12 के अन्तर्गत निम्नानुसार स्वीकार किया जाता है-



विपक्षी को आदेषित किया जाता है कि वह परिवादी को बैटरी की कीमत अंकन 950/-रू0 का भुगतान करें। इसके अतिरिक्त मानसिक क्षतिपूर्ति अंकन एक हजार रूपयेे व एक हजार रूपयेे वाद व्यय का भी भुगतान परिवादी को करें। धनराषि की अदायगी 30 दिन के अन्दर करना सुनिष्चित किया जाए।



यदि निर्दिष्ट अवधि में भुगतान नहीं किया जाता है तो परिवादी उपरोक्त समस्त धनराषि पर परिवाद प्रस्तुत करने की तिथि से भुगतान तक 9ः वार्षिक दर से साधारण ब्याज भी पाने का अधिकारी होगा।

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