एनआईएफ ने केरल की महिला नवप्रवर्तक द्वारा तैयार अधिक बाजार मूल्‍य वाले फूल एंथुरियम की नई किस्मों को बढ़ावा दिया

Times India Today | : Apr 23,2020 04:29 PM IST

 केरल के तिरुवनंतपुरम की एक महिला नवप्रर्वतक डी वासिनी बाई ने क्रॉस-पॉलिनेशन के जरिये अत्‍यधिक बाजर मूल्‍य वाले फूल एंथुरियम की दस किस्मों को तैयार किया है। एंथुरियम (एंथुरियम एसपीपी) रंगों की एक व्‍यापक श्रृंखला में उपलब्ध सुंदर खिलने वाले पौधों का एक विशाल समूह है। घरों के भीतर रखे जाने वाले सजावटी पौधों के रूप में इसके उपयोग के कारण इसके विभिन्‍न किस्मों की जबरदस्‍त मांग है। पिछले वर्ष के दौरान 8,500 से अधिक पौधों और फूलों को मुख्य रूप से पुणे और तिरुवनंतपुरम के बाजारों में बेचा गया। प्रर्वतक ने कटिंग और बीजों के जरिये इसका प्रचार-प्रसार किया है और पूरे देश में कुछ पौधों और फूलों की आपूर्ति की है। लेकिन प्रजनन विधि तकनीक में अधिक समय लगने के कारण वह मांग को पूरा नहीं कर पा रही थीं।



     इसलिए देश में समान कृषि जलवायु क्षेत्रों में इसके उत्‍पादन के लिए नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन- इंडिया ने बेंगलूरु के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हॉर्टिकल्चरल रिसर्च (आईआईएचआर) में टिशू कल्चर तकनीक के माध्यम से जबरदस्‍त मांग वाली किस्‍मों के बड़े पैमाने पर उत्‍पादन और कई गुणा अधिक किस्मों को तैयार करने की सुविधा प्रदान की है।



     एंथुरियम दुनिया के बेहतरीन घरेलू फूलों के पौधों में से एक है। वे दिखने में सुंदर होने के साथ-साथ आस-पास की हवा को भी शुद्ध करते हैं और फॉर्मेल्डिहाइड, अमोनिया, टोल्यून, जाइलीन और एलर्जी जैसे हानिकारक वायुजन्य रसायनों को हटाते हैं। हवा से जहरीले पदार्थों को हटाने की खासियत के कारण नासा ने इसे शुद्ध हवा वाले पौधों की सूची में रखा है। अत्‍यधिक सुंदरता और गुणों के कारण एंथुरियम का काफी आर्थिक महत्व है और इसलिए इसे अच्छा बाजार मूल्य मिलता है।



 

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