कैंसर से निपटने के लिए जागरूकता, नियमित जांच और स्क्रीनिंग अत्यंत महत्वपूर्ण : उप राष्ट्रपति

Times India Today | : Aug 24,2018 10:41 PM IST

उप राष्ट्रपति श्री एम. वैंकेया नायडू ने देश में कैंसर के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त की है और इसकी रोकथाम, इलाज और रोग के लक्षण कम करने संबंधी देखरेख कार्यक्रम के लिए कैंसर के कुछ और सस्ते इलाज केन्द्रों की स्थापना करने का आहवान किया है। उप राष्ट्रपति आज आन्ध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र और होमी भाभा कैंसर अस्पताल और अनुसंधान केन्द्र के वैज्ञानिकों, कर्मचारियों और विभाग के सदस्यों से बातचीत कर रहे थे।



उप राष्ट्रपति  ने कहा कि तंबाकू का बढ़ता प्रयोग भारत में कैंसर के मामलों में वृद्धि का प्रमुख कारण है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के सिर और गले के कैंसर के मरीजों में से करीब 60 प्रतिशत भारत में हैं और इस संख्या के 2030 तक दोगुना हो जाने की उम्मीद है। यह वास्तव में चिंता का विषय है और इस प्रवृत्ति को समाप्त करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।



उप राष्ट्रपति ने कहा कि कैंसर के मामलों में बढ़ोतरी चिंता का प्रमुख विषय है। उन्होंने कहा कि यह देश में स्वास्थ्य देखभाल सुविधा प्रदान करने वालों के लिए गंभीर चुनौती उत्पन्न कर रहा है। उन्होंने कहा कि कैंसर के अधिकतर मामलों में इसका अंतिम अवस्था में पता लगता है और इसका कारण यह है कि मरीज शुरूआत में खुद को नहीं दिखाते हैं। उप राष्ट्रपति ने कहा कि यूरोप और अमेरिका सहित अनेक विकसित देशों में प्रभावी स्क्रीनिंग कार्यक्रमों के कारण कैंसर के मामलों में कमी आई है।



उप राष्ट्रपति ने कैंसर का इलाज करने वालों का आह्वान किया कि वे लोगों में नियमित चिकित्सा जांच और स्क्रीनिंग कराने के संबंध में जागरुकता पैदा करें। उन्‍होंने कहा कि सामान्य जनता में जागरूकता लाने से इसका जल्द पता लगाने में मदद मिलेगी।



उप राष्ट्रपति  ने ग्रामीण और शहरी भारत में मोबाइल स्क्रीनिंग वैन जैसी सुविधाएं बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि लोगों को अपने स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में पता चल सके और उनका समय पर इलाज हो सके। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगे सभी साझेदारों के बीच कैंसर के इलाज का भारी खर्च चिंता का एक प्रमुख विषय बना हुआ है। इलाज के खर्च में कमी लाने की जरूरत है और यहीं पर बीएआरसी जैसे संस्थान कम लागत की टेक्नालाजी और उपकरण विकसित करके प्रमुख भूमिका निभा सकते हैं।



उप राष्ट्रपति ने वैश्विक साझेदारी के जरिये विश्वसनीय, सुरक्षित और निरंतर परमाणु ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए परमाणु ऊर्जा विभाग की सराहना की। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन दुनिया भर के लिए पर्यावरण संबंधी चिंता का विषय बना हुआ है। उन्होंने प्रकृति के साथ छेडछाड से बचने की आवश्यकता पर बल दिया।



यह कहते हुए कि भारत को ऊर्जा उत्पादन में सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल दृष्टिकोण अपनाना चाहिए, उप राष्ट्रपति ने कहा कि देश उन लोगों से सीख ले सकता है जिन्होंने इस क्षेत्र में बढ़त ले ली है, लेकिन परमाणु ऊर्जा की लागत कम करने का प्रयास किया है। परमाणु ऊर्जा का उत्पादन कम कार्बन फेंकने वाली टेक्नालाजी के जरिये होता है और यह ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन काफी कम कर सकती है।  

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