अप्रैल से जमीन व घरों की कीमतों में होगी 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी

Times India Today | : Mar 22,2016 07:43 AM IST

नई दिल्ली। जिले में आर्थिक मंदी के साथ जिला प्रशासन द्वारा 5 डिसमिल से कम अपरिवर्तित जमीन की रजिस्ट्री पर रोक लगा दिए जाने के कारण रियल एस्टेट कारोबार सुस्त है जिससे जमीन एवं मकानों की खरीद-फरोख्त में कमी आई है। लगातार घटते राजस्व के कारण पंजीयन विभाग भी अप्रैल से लागू होने वाले नई गाइडलाइन में जमीन एवं मकानों के दामों में औसत रूप से 1 से 5 प्रतिशत तक बढ़ौतरी हो सकती है। जिले में पिछले 3 सालों से प्रापर्टी बाजार में मंदी के कारण शासन का राजस्व लक्ष्य पूरा नहीं हो पा रहा है। 



 





पिछले वर्ष राजस्व लक्ष्य से 30 प्रतिशत पीछे रहने वाला पंजीयन विभाग इस वर्ष राजस्व लक्ष्य प्राप्ती में 50 प्रतिशत पीछे चल रहा है। इस वर्ष का लक्ष्य 24 करोड़ था मगर विभाग सिर्फ 12 करोड़ रुपए तक ही पहुंच सका है। पंजीयन विभाग को मिलने वाले सालाना टारगेट के अनुरूप रिकवरी नहीं हो पा रही है और नए वित्तीय वर्ष के लिए बनने वाली सरकारी गाइडलाइन के लिए भी जो तैयारी शुरू हुई है। उसमें भी मकानों एवं जमीन के दामों में बढ़ौतरी होने की बात कही जा रही है। रियल एस्टेट के जानकारों के अनुसार पंजीयन विभाग जिले में बीते 3 सालों से अपना राजस्व लक्ष्य पूरा नहीं कर पा रहा है और लगातार जमीन एवं मकानों की होने वाली रजिस्ट्री की संख्या में भी कमी आ रही है। 



 



 



पखवाड़ेभर पहले पंजीयन विभाग की केंद्रीय मूल्यांकन समिति की बैठक राजधानी में हुई। इसमें पिछली गाइडलाइन में हुई त्रुटियां पर आपत्ति जताई गई और इस बार बनने वाली नई गाइडलाइन के संबंध में भी सभी जिलों से सुझाव मांगे गए। बैठक के बाद पंजीयन विगाग ने इस बार नई गाइडलाइन में किसी तरह की बढ़ोतरी से इनकार कर दिया है और मार्च के पहले हफ्तें में होने वाली जिला स्तरीय बैठक में भी इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी जाएगी। जिसके बाद राज्य शासन के अनुमोदन के बाद 1 अप्रैल से नई गाइडलाइन के अनुसार ही रजिस्ट्री शुल्क वसूला जाएगा।

Comments 0

You May Like

Copyright © 2020 - All Rights Reserved - Times Today